भीमा खेड़ी हनुमान मंदिर पर 29 मई को उमड़ेगा श्रद्धालुओं का सैलाब पांच : दिनी महायज्ञ की होगी पूर्णाहुति झाबुआ एमपी न्यूज 24 संभाग ब्यूरो चीफ जगदीश राठौर 9425490641
जावेद शीशगर
Tue, May 27, 2025 0 Views
भीमा खेड़ी हनुमान मंदिर पर 29 मई को उमड़ेगा श्रद्धालुओं का सैलाब पांच दिनी महायज्ञ की होगी पूर्णाहुति झाबुआ एमपी न्यूज 24 संभाग ब्यूरो चीफ जगदीश राठौर 9425490641
जावरा मुख्यालय से 3 किलोमीटर दूर भीमाखेड़ी में स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर धर्मालुओं की अटूट आस्था और श्रद्धा का केंद्र बन चुका है। विशेष अवसर के साथ ही प्रायः यहां हनुमानजी की मनभावन मूर्ति के दर्शन करने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ती देखी जा सकती है। मंदिर में विराजित हनुमानजी की प्रतिमा के दर्शन मात्र से भक्त प्रसन्नचित हो उठते है। प्रतिवर्ष के अनुसार इस वर्ष भी यहां महायज्ञ के समापन अवसर पर गुरुवार को श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ेगा। इसी दिन शाम को आयोजित भंडारे में हजारों की संख्या में नागरिक उपस्थित होकर प्रसादी ग्रहण करेंगे। इस दौरान अनेक प्रकार के व्यंजन प्रसादी के रूप में श्रद्धालुओं को कतारबद्ध बिठाकर परोसे जाएंगे। इससे पूर्व 25 मई से प्रारंभ पांच दिवसीय श्री राम मारूति महायज्ञ की पूर्णाहुति होगी। उसके बाद संध्या को करीबन 4.30 बजे हनुमान जी की महाआरती होगी। महाआरती सम्पन्न होने के पश्चात विशाल भंडारा होगा। जिसमें जावरा व निकट के क्षेत्रों से भारी तादाद में धर्मालु भाग लेकर प्रसादी ग्रहण करेंगे। यहां चल रहे एक कुंडीय श्री राम मारूति महायज्ञ के समापन अवसर पर 29 मई को गंगाजल कलश यात्रा थाना औद्योगिक क्षेत्र स्थित श्री मनकामेश्वर महादेव मंदिर से प्रातः 8 बजे प्रारंभ होगी। जो रेलवे ब्रिज, भीमाखेड़ी फाटक रोड होते हुए वापस भीमखेती गांव पहुंचेगी। इसके बाद पूरे गांव में भ्रमण करते हुए गंगाजल कलश यात्रा हनुमान मंदिर पहुँचकर समाप्त होगी। इस यात्रा में ढोल, डीजे व बैंड की धुन पर 101 महिलाएं व युवतियां सिर पर कलश धारण किए हुए चलेगी। जबकि कलश यात्रा के आगे पांच घोड़ों पर पांच भक्त सवार होकर धर्म ध्वजा हाथों में थामे नजर आएंगे। इस दौरान असंख्य महिला-पुरूष व बच्चे भी यात्रा में हिस्सा लेकर धर्म जागरण का परिचय देंगे। श्री महावीर हनुमान मंदिर यज्ञ समिति व श्री महावीर हनुमान भक्त मंडल भीमाखेड़ी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय श्री राम मारूति महायज्ञ के दौरान कईं भक्तों ने बोली लगाकर यज्ञ में बैठने का धर्म लाभ लिया। यज्ञाचार्य पण्डित महेश त्रिवेदी, उपाचार्य पंडित रविन्द्र शर्मा द्वारा विधिविधान से मंत्रोच्चार कर यज्ञ का समापन कराया गया। धर्मनिष्ठ अशोक जैन (आंटिया) ने बताया कि यहां मंदिर में विराजित हनुमानजी की प्रतिमा चमत्कारिक होने के साथ ही संकटमोचक भी है। आपने बताया कि इस मंदिर पर पिछले 15 वर्षों से हवन, यज्ञ व अन्य धार्मिक अनुष्ठान निरन्तर जारी है। धर्मालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए विगत 6 वर्षों से यज्ञ की पूर्णाहुति के पश्चात भंडारा का आयोजन हो रहा है।

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