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जिन माता-पिता ने बोलना सिखाया : उनके सामने नहीं बोलना चाहिए-पंडित ब्रज किशोर जी नागर..

जावेद शीशगर

Sat, May 16, 2026 150 Views

जिन माता-पिता ने बोलना सिखाया उनके सामने नहीं बोलना चाहिए-पंडित ब्रज किशोर जी नागर

जोबट- जीवन में धन, वैभव सब खूँट जाते है किन्तु संतों का माता- पिता का, बड़ों का आशीर्वाद कभी नहीं खूँटता है, इसलिए आशीर्वाद लेने में कंजूसी नहीं करना चाहिए,वरदान का कोटा निश्चित है मांगेंगे उतना ही मिलेगा किन्तु आशीर्वाद में पाने के लिए कोई सीमा नहीं है जितना चाहेंगे उससे ज्यादा ही मिलेगा उक्त विचार श्री सिद्धि विनायक मंदिर गणेश मंदिर में चल रही श्रीमद भागवत कथा के छठवें दिन पंडित ब्रज किशोर जी नागर द्वारा कही गई उन्होंने श्री मार्कंडेय ऋषि की कहानी सुनाते हुए कहा कि उनकी आयु मात्र 13 वर्ष की थी किन्तु सप्त ऋषि,ब्रम्हाजी,शिवजी ने

ने अनजाने में दीर्घायु होने का आशीर्वाद दे दिया तो यमराज को भी वापस लौटना पड़ा और वह अमर हो गये, जो आशीर्वाद काम करता है वो वरदान नहीं करता, इसलिए बड़े बुजुर्गों के चरण पकड़ने में पीछे नहीं रहना चाहिए, घर से एक जोड़ी कपड़ा और माता-पिता का आशीर्वाद लेकर निकल जाओ तो

माता-पिता का आशीर्वाद ही जीवन में आपको बड़ा बना देगा, जिसने बोलना सिखाया उनके सामने नहीं बोलना चाहिए जिनके घर में माता पिता होते है वह भाग्यवान होते है, उनकी सेवा ही सबसे बड़ा धन है, उन्होंने भगवान की महिमा बतलाते हुए कहा कि जिसको पाना इतना कठिन है ,जिसे पाने के लिए कई जन्म लग जाते हैं, पुरा जीवन खप जाता है उसे सबरी,जटायु,केवट अर्जुन ने सरलता से पा लिया है,यह उनके पूर्व जन्म के कर्म और आशीर्वाद ही था ,यदि आपको किसी के घर जाना हैं व उसके मकान का पता चल जाए तो मुकाम तक पहुंच जाते हो किन्तु भगवान का पता नहीं मिले तो कथा में आ जाना वहा जरूर मिल जाएंगे, हमें भी गोपियों का श्राप है कि ईश्वर को पाने के लिए गाँव-गाँव, शहर-शहर जाकर कथा में भगवान को ढूढ़ना होगा, इसलिए हम कथा कर रहे हैं गुरुदेव ने छठवें दिन की कथा में कंस वध, रुक्मणी विवाह ,कृष्ण के मथुरा जाने के प्रसंग की व्याख्या की उन्होंने कहा कि गाय का दूध बछड़े का झूठा और शहद मधुमक्खी का झूठा होने के बाद भी भगवान को चढ़ता है किंतु बिल्ली का झुठा दूध नाली में बहाना पड़ता है क्योंकि की बिल्ली दूध भी पीती है और चूहे भी खाती है अपने खान-पान, रहन-सहन,पहनावा सबका ध्यान रखना भी जरूरी है, इसी आयोजन में सिद्दी विनायक गणेश मंदिर समिति की ओर से व्यासपीठ से नगर के नेत्र संकलन केंद्र गायत्री शक्तिपीठ जोबट के डां शिवनारायण सक्सेना व टेक्नीशियन अजमेर सिंह डावर व साथ ही राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित समाजसेवी रक्तदानी अश्विन नागर, कपिल राठौड़,शिक्षा शिक्षा के क्षेत्र में धनराज वाणी का सम्मान भी किया गया ,बड़ी संख्या में गुजरात, महाराष्ट्र,राजस्थान से भी श्रद्धालु उपस्थित हो रहे हैं, महाआरती व महा प्रसादी मांगीलाल जी अजमेरा बड़वदा वाले की ओर से थी कथा के मुख्य यजमान श्री नगवाडिया परिवार खट्टाली और श्री तुकाराम जी ढोले जोबट है

ब्यूरो रिपोर्ट वासुदेव वाणी

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